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आजादी के बाद मुलायम के गांव में पहली बार चुनाव, सपा के समर्थन से दलित बना सैफई का सरदार

चौपाल न्यूज नेटवर्क
उत्तर प्रदेश में चार चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती आज सुबह से शुरू हो गई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पंचायत चुनाव की मतगणना रोकने की याचिका खारिज करने के बाद प्रदेश के सभी 75 जिलों में 829 केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना का काम सुबह आठ बजे से शुरू हुआ। प्रशासन का दावा है कि कोविड 19 प्रोटोकाॅल का कड़ाई से पालन करते हुए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने जीत का जश्न मनाने से मना किया है। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के कुल 12,89,830 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। इन सभी पदों पर 3,19,317 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। पहला रिजल्ट चंदौली जिले के चकिया ब्लाॅक अंतर्गत इसहुल गांव का आया, जहां ओम प्रकाश सिंह को महज दो वोटों से जीत हासिल हुई। सैफई में ग्राम पंचायत प्रधान पद के उम्मीदवार रामफल वाल्मिकी विजयी रहे। मैनपुरी के कुरावली ब्लाक की नगला ऊसर ग्राम सभा प्रत्याशी पिंकी देवी 115 वोटों से चुनाव जीत गईं, पर दुखद रहा कि इसके पहले ही उनका निधन हो गया। उधर कानपुर नगर के नर्वल ब्लॉक के सेन पश्चिम पारा गांव में किन्नर काजल किरण ग्राम प्रधान पद पर विजयी हुई हैं।
आरक्षण के चलते 50 साल बाद सैफई गांव के प्रधान पद के उम्मीदवार के लिए मतदान तो हुआ लेकिन मुलायम परिवार की इस सीट पर उन्हीं के समर्थित प्रत्याशी रामफल बाल्मीकि को जीत हासिल हुई। अखिलेश यादव के चचेरे भाई सैफई द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी अभिषेक यादव को अखिलेश के साथ-साथ शिवपाल यादव का भी समर्थन प्राप्त है। 

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