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किसान हित की बातें हवा-हवाई

योगी जी! आखिर अपनी उपज को कहां लेकर जायें ये किसान... इनकी कोई नहीं सुन रहा सरकार

चौपाल न्यूज नेटवर्क 
उत्तर प्रदेश में धान की बम्पर खरीद चल रही है... ऐसा सरकारी आंकड़े बता रहे हैं, लेकिन सूबे के कई जिलों से धान क्रय केंद्र पर धान न लिये जाने से लेकर औने-पौने दाम पर धान की खरीद की खबरें ही सुर्खियां बनीं.. यह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है। हर साल की तरह इस वर्श भी क्रय केंद्रों पर किसान बेबस लाचार ही दिख रहे हैं। आढ़ती, बिचैलिये और मिलर्स के सिंडीकेट का पूरा कब्जा इन क्रय केंद्रो पर हावी है और किसान परेशान हैं। सम्बन्धित सरकारी मुलाजिम से लेकर हाकिम साहब लोग भी इन दलालों की खातिरदारी में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते। खैर, पीड़ित किसानों द्वारा कही गई बातों को अगर शब्दों की कुछ लाइनों में लिखा जाये तो उनका मानना है कि ये सरकारी कर्मचारी या अधिकारी वही कर रहे हैं जो फिलवक्त की सरकारों के चाल-चरित्र में देखा जा रहा है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार हो या राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार। अखबारों, टीवी व अन्य माध्यम से विज्ञापन के जरिये अपनी मंशा में किसानों की हित को ही प्राथमिकता बखान करते नहीं थकने वाली ये सरकारें यह दावा करते नहीं थक रही हैं कि एमएसपी दर पर संपूर्ण धान की खरीद की जा रही है। योगी सरकार तो किसानों को उनकी लागत की दो गुनी कीमत दिलाने की अपनी कटिबद्धता को बराबर दोहराती नजर आ रही है। लेकिन धरातल पर इसके विपरीत कुछ और ही दृश्य देखने को मिल रहे हैं। किसान ट्रैक्टर और ट्रक की ट्रालियों में लादे दर-दर भटक रहे हैं। स्थिति यह है किसान परेशान होकर किसी तरह धान को कम कीमत पर ही आढ़ती-मिलर्स या स्थानीय किसी दलाल को सौंपने को मजबूर हैं। 
दिल्ली की सीमा पर महीनों से चल रहे किसानों का आंदोलन पर देशव्यापी चर्चा तो हो रही है लेकिन एक किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश के तराई जनपद बहराईच में भी चल रहा है... जिसको न तो कोई मीडिया कवर करने जा रहा है और न ही स्थानीय प्रशासन ही कोई संज्ञान ले रहा है। मिहींपुरवा तहसील के जरहीं रोड स्थित एफसीआई क्रय केंद्र पर खरीद न होने के कारण पिछले चार दिन से स्थानीय किसान अपने धान लदे ट्रालियों के साथ धरने पर बैठे हैं। धरनारत किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा स्थानीय स्तर पर आढ़ती और मिलर्स से मिलीभगत कर किसानों के धान की खरीद करने से मना कर दिया गया, जबकि किसान 15-20 दिन से अपनी उपज को केंद्र पर लाईन लगाये खड़े हैं।
धरनारत किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र प्रभारी के आश्वासन पर वह हफ््तों से धान भरी ट्रालियां खड़ी रखे हैं, जबकि एकाएक केंद्र प्रभारी द्वरा आवक ना होने की बात कहकर केंद्र को बंद कर दिया गया। किसानों का कहना है कि स्थानीय धान क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा किसानों को अपशब्द भी कहा गया जिसकी शिकायत  उप जिला अधिकारी मिहीपुरवा मोतीपुर को लिखित रूप से कर दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई उचित कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। उप जिला अधिकारी महोदय ने धान तौल की कोई और व्यवस्था कराने का जरूर आश्वासन दिया है।

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